लखनऊ | 22 फरवरी 2026

उत्तर प्रदेश पूर्व सैनिक संयुक्त संस्था का द्वितीय प्रादेशिक अधिवेशन 22 फरवरी 2026 को एस.आर. ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस, सीतापुर रोड, लखनऊ के भव्य सभागार में अत्यंत उत्साह, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति के वातावरण में संपन्न हुआ। प्रदेश के विभिन्न जनपदों से पधारे वरिष्ठ पूर्व सैनिकों, जिला अध्यक्षों एवं पदाधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति ने इस अधिवेशन को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया।

यह अधिवेशन केवल औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि पूर्व सैनिकों की पेंशन, OROP, SPARSH पोर्टल, पुनर्वास, चिकित्सा सुविधाओं एवं सामाजिक सुरक्षा जैसे ज्वलंत मुद्दों पर ठोस रणनीति तैयार करने का मंच बना।


अधिवेशन का उद्देश्य: पेंशन विसंगतियों और अधिकारों के लिए संगठित रणनीति

संस्था के प्रदेश महासचिव वेटरन कृष्ण प्रकाश चौहान ने बताया कि अधिवेशन का मूल उद्देश्य केवल विचार-विमर्श तक सीमित नहीं है। इसका प्रमुख लक्ष्य है:

  • पेंशन विसंगतियों का समाधान
  • OROP से संबंधित शंकाओं का निराकरण
  • SPARSH पोर्टल की त्रुटियों का सुधार
  • पुनर्वास एवं चिकित्सा सुविधाओं में पारदर्शिता
  • पूर्व सैनिकों के लिए सम्मानजनक सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करना

संस्था का स्पष्ट संदेश है कि संगठित प्रयास ही स्थायी समाधान का मार्ग प्रशस्त कर सकते हैं।


नेतृत्व एवं मुख्य अतिथि का संबोधन

अधिवेशन के सभापति वेटरन आर. के. पांडे के संरक्षण में कार्यक्रम का सफल नेतृत्व प्रदेश अध्यक्ष वेटरन अजमेर बहादुर सिंह ने किया।

इस अवसर पर पवन कुमार सिंह चौहान (प्रबंध निदेशक, एस.आर. ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस एवं विधायक) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने प्रेरणादायी संबोधन में कहा:

“पूर्व सैनिक राष्ट्र की शक्ति, अनुशासन और त्याग के प्रतीक हैं। उनके सम्मान और अधिकारों की रक्षा समाज एवं शासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।”


उत्कृष्ट योगदान हेतु सम्मान समारोह

कार्यक्रम में प्रदेशभर से आए प्रतिनिधियों का अंगवस्त्र एवं पुष्पहार से आत्मीय स्वागत किया गया।

  • संस्था में निष्ठा एवं सेवा भाव से उत्कृष्ट योगदान देने वाले 6 सदस्यों को स्मृति चिन्ह एवं तिरंगा पट्टी प्रदान कर सम्मानित किया गया।
  • 15 समर्पित पदाधिकारियों को प्रशस्ति पत्र देकर उनके कार्यों की सराहना की गई।

यह सम्मान समारोह संगठनात्मक एकता और समर्पण का प्रतीक बना।


विशेष संबोधन: एयर वेटरन अधिवक्ता श्री तत्सत शुक्ला के विधिक विचार

अधिवेशन में एयर वेटरन एवं अधिवक्ता श्री तत्सत शुक्ला ने पूर्व सैनिकों से जुड़े महत्वपूर्ण विधिक मुद्दों पर विस्तार से अपने विचार प्रस्तुत किए।

1. SPARSH Portal पर अवैध रिकवरी का मुद्दा

उन्होंने बताया कि SPARSH पोर्टल में Rank, Trade एवं Pay Group की गलत डेटा फीडिंग के कारण कई पूर्व सैनिकों पर भारी रिकवरी (Recovery) आरंभ कर दी गई है, जो:

  • अवैध
  • मनमानी
  • प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत
  • पूर्व सैनिकों के लिए उत्पीड़न का कारण

है। इस विषय में कानूनी चुनौती की आवश्यकता पर बल दिया गया।


2. शिकायत निवारण प्रक्रिया और CPGRAM का उपयोग

उन्होंने पूर्व सैनिकों को सलाह दी कि वे अपनी शिकायतों के समाधान हेतु CPGRAM (Centralized Public Grievance Redress and Monitoring System) का प्रभावी उपयोग करें।

उन्होंने शिकायत दर्ज करने की विधिक प्रक्रिया, साक्ष्य संलग्न करने की आवश्यकता और समयबद्ध फॉलो-अप की रणनीति समझाई।


प्रमुख विधिक मुद्दों पर विस्तृत चर्चा

1. OROP (PMR Case) – तीन श्रेणियों का स्पष्टीकरण

OROP से संबंधित PMR केस पर चर्चा करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान में तीन श्रेणियाँ हैं:

  1. 01 जुलाई 2014 से पूर्व सेवानिवृत्त – OROP का लाभ प्राप्त।
  2. 01 जुलाई 2014 से 07 नवंबर 2015 के बीच सेवानिवृत्त – सरकार ने लाभ देने का आश्वासन दिया है।
  3. 07 नवंबर 2015 के बाद सेवानिवृत्त – मामलों की समीक्षा का आश्वासन।

OROP विषय पर न्यायिक और प्रशासनिक प्रगति पर विशेष प्रकाश डाला गया।


2. DSC कर्मियों की द्वितीय सेवा पेंशन

DSC (Defence Security Corps) कर्मियों के संदर्भ में बताया गया कि यदि किसी व्यक्ति की सेवा 13.6 वर्ष है तो उसे 15 वर्ष की सेवा के रूप में गिना जाएगा और पेंशन लाभ प्रदान किया जाएगा।


3. दिव्यांगता पेंशन – 01.01.1996 से पूर्ण एरियर

Girish Kumar मामले में माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए गए निर्णय के अनुसार अब दिव्यांगता मामलों में 01.01.1996 से पूर्ण एरियर देय होगा।


4. तीनों सेनाओं के लिए Common Pay Structure (5th CPC)

5वें वेतन आयोग में तीनों सेनाओं के लिए समान वेतन संरचना तथा 6वें वेतन आयोग में ग्रेड पे वृद्धि के मुद्दे पर चल रही न्यायिक कार्यवाही का उल्लेख किया गया।

यह मामला वर्तमान में प्रकरण प्रियदर्शन प्रधान केस में प्रभावी सुनवाई में है और शीघ्र समाधान की अपेक्षा है।


5. पेंशन कम्यूटेशन (Commutation) मामला

1985 में न्यायिक पुनरावलोकन के पश्चात माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने निर्देश दिया था कि:

  • 2 वर्ष की अतिरिक्त कम्यूटेशन रक्षा बलों को दी जानी चाहिए।
  • रक्षा बलों के लिए 17 वर्ष की कम्यूटेशन स्वीकृत हो, परंतु वसूली केवल 15 वर्ष की हो।

यह विषय वर्तमान में पुनः न्यायिक समीक्षा के अधीन है।


संगठन से जुड़ने का आह्वान

अधिवेशन के अंत में संस्था ने प्रदेश के सभी पूर्व सैनिकों से भावपूर्ण अपील की:

“संगठन ही शक्ति है — एकजुट पूर्व सैनिक, सशक्त समाज और सम्मानित राष्ट्र।”

संस्था का संकल्प है कि प्रत्येक पूर्व सैनिक एवं उनके परिवार को उनका अधिकार, सम्मान और सुरक्षा मिले।


निष्कर्ष: एकजुटता से ही समाधान

उत्तर प्रदेश पूर्व सैनिक संयुक्त संस्था का यह द्वितीय प्रादेशिक अधिवेशन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि पूर्व सैनिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए एक सशक्त आंदोलन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुआ।

यदि आप पूर्व सैनिक हैं या पूर्व सैनिक परिवार से संबंधित हैं, तो संगठन से जुड़कर अपनी सामूहिक शक्ति को सुदृढ़ करें।

एक मंच, एक आवाज, एक लक्ष्य — पूर्व सैनिकों का सम्मान और अधिकार।


Discover more from MILITARY INFO

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Leave a Reply

Discover more from MILITARY INFO

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading