Land for JawanLand for Jawan

📝 Land for Jawan & Ex-serviceman (Officer, JCOs & OR)

ओडिशा हाईकोर्ट ने सैनिकों और पूर्व सैनिकों के लिए आरक्षित 04 एकड़ “Land for Jawan” के आवंटन को लेकर राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। यह मामला एयर वेटरन अधिवक्ता Samarendra Beura द्वारा प्रस्तुत किया गया है, जिन्होंने ओडिशा में AFT की स्थापना का मामला भी Hon’ble Supreme Court में प्रभावी पैरवी की थी। अगली सुनवाई 09 फरवरी 2026 को होगी।

गौर करने वाली बात यह है कि भूमि सीमित है, जबकि दावेदारों की संख्या कहीं अधिक है। ऐसी स्थिति में, एक व्यावहारिक और पारदर्शी सिद्धांत—“First Come, First Get”

Cuttack।
जवानों एवं पूर्व सैनिकों के लिए आरक्षित भूमि (Land for Jawan) के वास्तविक आवंटन को लेकर ओडिशा में एक महत्वपूर्ण कानूनी घटनाक्रम सामने आया है। Hon’ble Orissa High Court ने Priyadarsan Pradhan vs State of Odisha, Pradeep Kumar Nayak vs State of Odisha, Asha Rout vs State of Odisha and Gulsan Begum vs State of Odisha  में पारित आदेश दिनांक 08 जनवरी 2026 के माध्यम से ओडिशा सरकार को निर्देश दिया है कि वह पूर्व सैनिकों (Officers, JCOs एवं ORs) के लिए आरक्षित 04 एकड़ “जवान संरक्षित भूमि” के आवंटन के संबंध में अपना स्पष्ट जवाब दाख़िल करे।

उल्लेखनीय है कि देश के लगभग सभी राज्यों में जवानों के लिए भूमि आरक्षण की नीति मौजूद है, किंतु अधिकांश मामलों में यह नीति केवल काग़ज़ों तक सीमित रह गई है। ओडिशा में भी लंबे समय से पूर्व सैनिकों को आरक्षित भूमि का लाभ नहीं मिल पाने का मुद्दा उठता रहा है।

इस मामले में राज्य सरकार की ओर से समय माँगे जाने के बाद न्यायालय ने प्रकरण को 09 फरवरी 2026 को अन्य संबंधित रिट याचिकाओं के साथ सुनवाई हेतु सूचीबद्ध किया है।

यह मामला एयर वेटरन एवं अधिवक्ता Samarendra Beura ने प्रभावी पैरवी की थी, जिन्होंने इससे पूर्व ओडिशा में Armed Forces Tribunal की स्थापना से संबंधित मामले में भी Hon’ble Supreme Court में प्रभावी पैरवी की थी। उनके प्रयासों के परिणामस्वरूप ओडिशा में AFT का उद्घाटन 07 जनवरी 2026 को किया गया, जिसे राज्य के सैनिक एवं पूर्व सैनिक समुदाय के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है।

यह मामला न केवल ओडिशा बल्कि पूरे देश के जवानों और पूर्व सैनिकों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे राज्य सरकारों की घोषित नीतियों के वास्तविक क्रियान्वयन पर न्यायिक निगरानी सुनिश्चित होने की उम्मीद जगी है।



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One thought on “Land for Jawan & Ex-serviceman के लिए Orissa High Court सख्त”
  1. सैनिक के हितों की रक्षा के लिए लगातार प्रयास फलीभूत होते जा रहे हैं।
    सजग रहें, अपने जायज हक के लिए जागरूक करें।

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