Group X Pay

📍 नई दिल्ली | Group X Pay Case की ताज़ा सुनवाई

Armed Forces Tribunal (AFT), प्रिंसिपल बेंच, नई दिल्ली में चल रहे Group X Pay केस की हालिया सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से दो महत्वपूर्ण लेकिन परस्पर विरोधाभासी बयान सामने आए हैं।यह मामला Army, Air Force और Navy में Diploma Qualification के आधार पर मिलने वाले Group X Pay से जुड़ा हुआ है और अब यह एक बड़े Defence Pay Anomaly के रूप में उभर रहा है।

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📜 Group X Pay : Govt Policy 21 November 1997 क्या कहती है?

Ministry of Defence (MoD) के 21 नवंबर 1997 के पत्र के अनुसार:

जिनके पास valid Diploma qualification है, वे Combatant Group ‘X’ में आते हैं।

Policy के अनुसार:

  • Diploma Qualification = Group X
  • Matric Qualification = Group Y
  • Non-Matric Qualification = Group Z

🔹 Army का पक्ष: Training पूरी होते ही Diploma

इसके विपरीत Army की ओर से बताया गया कि:

  • AEC (Army Education Corps) Instructor और Clerks को training पूर्ण होने के बाद Diploma प्रदान किया जाता है।
  • Graduate AEC JCO को Group ‘X’ में वर्गीकृत किया जाता है।
  • Remustering policy के अनुसार qualification प्राप्त करते ही Group ‘Y’ से Group ‘X’ में लाया जा सकता है।

यह बयान Air Force के रुख से स्पष्ट रूप से भिन्न है।

🔹 Air Force का पक्ष: Diploma रिटायरमेंट के बाद

सुनवाई के दौरान Air Force की ओर से कहा गया कि:

Technical trades के एयरमैन को Diploma in Engineering Certificate रिटायरमेंट/डिस्चार्ज के बाद दिया जाता है।

यह प्रमाणपत्र भविष्य की नौकरी या करियर अवसरों के लिए जारी किया जाता है और इसके लिए न्यूनतम 10 वर्ष की सेवा (training period सहित) आवश्यक है।

इसका सीधा अर्थ यह हुआ कि सेवा के दौरान संबंधित व्यक्ति के पास “valid diploma in hand” नहीं होता।



⚖️ AFT का हस्तक्षेप: Group X Pay की Document Verification का आदेश

इन विरोधाभासी बयानों को देखते हुए माननीय AFT ने सरकार को निर्देश दिया है कि:

  • मूल Policy Letters
  • Remustering Rules
  • Diploma Issue Procedure
  • Individual Service Records

को न्यायालय में प्रस्तुत किया जाए।

अब Tribunal दस्तावेज़ों के आधार पर यह तय करेगा कि Group X Pay वास्तव में Diploma Qualification पर आधारित है या केवल Trade Classification पर।


❗ सबसे बड़ा सवाल: Ground Level पर क्या हो रहा है?

यह मामला अब प्रत्येक व्यक्ति पर लागू होता है:

  • जिनके पास सेवा के दौरान Diploma नहीं है, वे Group X Pay कैसे ले रहे हैं?
  • और जिनके पास Army, Air Force या Navy द्वारा जारी Diploma Certificate है, उन्हें Group X Pay क्यों नहीं मिल रहा?

यह स्थिति समान योग्यता के बावजूद असमान वेतन (Equal Pay for Equal Qualification) के सिद्धांत पर प्रश्नचिन्ह लगाती है।


🔎 Group X Pay Anomaly या Policy Implementation की गलती?

विश्लेषण से तीन संभावनाएँ सामने आती हैं:

  1. Policy और Implementation में अंतर
  2. Service Diploma और AICTE Diploma की परिभाषा में अस्पष्टता
  3. Trade-based classification का गलत अनुप्रयोग

यदि सरकार का आधार “Valid Diploma in Hand” है, तो Diploma जारी होने की तिथि और पात्रता रिकॉर्ड निर्णायक सबूत बनेंगे।


📌 Group X Pay Case का दूरगामी प्रभाव

Group X Pay विवाद अब केवल वेतन का मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह Qualification-based Classification बनाम Administrative Practice का संवैधानिक मुद्दा बन चुका है।

AFT का आगामी निर्णय हजारों Armed Forces Personnel के Pay और Pension पर सीधा प्रभाव डाल सकता है।

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